कहां है मंदिर?
बाबा हरभजन मंदिर सिक्किम में है। यह मंदिर राज्य की राजधानी गंगटोक से 59 किलोमीटर की दूरी पर नाथुला दर्रे ( 9 किलोमीटर दूर) पर स्थित है। बाबा हरभजन के बारे में कहा जाता है कि शहादत के बाद भी वे ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। आज भी बाबा चीनी सेना पर नजर रखते हैं और जब कभी चीनी घुसपैठ करने की कोशिश करता है, तो बाबा हरभजन 3 घंटे पहले ही भारतीय सैनिक को सूचित कर देते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि जब कभी भारतीय और चीन सैनिक के बीच कोई वार्ता होती है, तो मीटिंग के लिए एक कुर्सी बाबा हरभजन जी के लिए आरक्षित रहती है।
कौन थे बाबा हरभजन सिंह
इतिहासकारों की मानें तो बाबा हरभजन का जन्म 30 अगस्त, 1946 को पंजाब के एक सिक्ख परिवार में हुआ था। वहीं, 9 फरवरी, 1966 को बाबा भारतीय सेना में नौकरी मिली। उनकी नियुक्ति नाथुला में हुई तो खच्चरों का काफिला ले जाने के दौरान पैर फिसलने से बाबा हरभजन नदी में गिर पड़े। नदी की तेज धारा बाबा को दूर ले गई। दो दिन की कड़ी मशक्कत के बाद बाबा का पार्थिव शरीर मिला। उन दिनों बाबा ने एक सैनिक को दर्शन में आकर कहा कि उनकी समाधि की स्थापना की जाए। साल 1982 में बाबा हरभजन की समाधि बनाई गई। वर्तमान समय में यह बाबा हरभजन मंदिर के रूप में जाना जाता है।
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